recep tayyip erdogan: Saudi Arabia, UAE to begin joint military exercises with Greece, Egypt: तुर्की के खिलाफ युद्धाभ्यास कर रहे ग्रीस, सऊदी अरब, मिस्र और यूएई


एथेंस
तुर्की के खिलाफ मोर्चेबंदी में ग्रीस को सऊदी अरब, यूएई और मिस्र का साथ मिला है। इन तीनों देशों की स्पेशल फोर्सेज इन दिनों ग्रीस की सेना के साथ युद्धाभ्यास कर रही हैं। ग्रीस के साथ सऊदी अरब और यूएई की नजदीकी को यूरोप में बड़ा कूटनीतिक बदलाव माना जा रहा है। दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन खुद को मुस्लिमों का सबसे बड़ा मसीहा घोषित करने जुटे हुए हैं। इस कारण सऊदी अरब और यूएई से तुर्की के रिश्तों में तनाव देखने को मिल रहा है।

ग्रीस के साथ युद्धाभ्यास में जुटे सऊदी और यूएई
सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और ग्रीस की सेनाएं एथेंस के उत्तर पश्चिम में एलीफ्सिना एयरबेस के पास युद्धाभ्यास कर रही हैं। इसमें चारों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और साथ मिलकर जंग लड़ने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी बयान जारी कर बताया है कि इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य सभी देशों की बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने, प्रशिक्षण और अनुभव का आदान-प्रदान करने और क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करने के लिए युद्ध की तैयारी के स्तर को निखारना है।

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तुर्की से नाराज हैं अरब देश
यह संयुक्त युद्धाभ्यास इसलिए भी अहम है, क्योंकि हाल के दिनों में अरब देशों और तुर्की के बीच तनाव बढ़ा है। तुर्की ने इन तीनों देशों के साथ अपने संबंधों को सुधारने का काफी प्रयास किया है, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। अरब लीग ने एकतरफा बयान जारी कर तुर्की पर इस क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। इसके बाद एर्दोगन ने कई आक्रामक बयान भी दिए थे, जिसके कारण अरब देशों से तुर्की के संबंध और खराब हुए।

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सऊदी, यूएई, मिस्र और ग्रीस से तुर्की का विवाद
एर्दोगन के लगातार भड़काऊ बयानों के कारण सऊदी अरब ने तुर्की के सामानों का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। यूएई ने सीरिया में तुर्की की सेना को घेरने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं, ग्रीस ने तुर्की के तट के करीब एजियन द्वीपों का सैन्यीकरण किया। मिस्र ने भी पूर्वी भूमध्य सागर में तुर्की के हितों को विफल करने का प्रयास किया। ऐसे में माना जा रहा है कि इन देशों के एक बार फिर इकट्ठा होने से तुर्की की टेंशन बढ़ सकती है।

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तुर्की और ग्रीस में क्या है विवाद
दरअसल, पिछले साल से तुर्की का समुद्री तेल खोजी शिप ओरुक रीस ग्रीस के द्वीप कस्तेलोरिज़ो के नजदीक रिसर्च गतिविधि को अंजाम दे रहा है। ग्रीस का दावा है कि तुर्की का शिप उसके जलक्षेत्र में ऑपरेट कर रहा है। जबकि, तुर्की ने ग्रीस के दावे को नकारते हुए उस समुद्री हिस्से को अपना बताया है। तुर्की इस इलाके में ऑफ-शोर ड्रिलिंग को आगे बढ़ाने पर अड़ा है जबकि फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तुर्की ने विवादित क्षेत्र में ऐसी कोई गतिविधि शुरू की तो वह मूक दर्शक नहीं बना रहेगा। विवाद की जड़ पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में साढ़े तीन ट्रिलियन क्यूबिक मीटर (टीसीएम) गैस है, जिसमें 2.3 टीसीएम स्पष्ट रूप से इजिप्ट, इजरायल और साइप्रस के इकनॉमिक इंट्रेस्ट जोन में है।

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तुर्की के पास है S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
वहीं तुर्की के पास S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। S-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है।

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तुर्की के खिलाफ अरब देशों का गठजोड़



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