पेमा ने जताया रोष तो डीसी हुए सीरियस

डीसी ने मीडिया के लिये बनाई उच्चस्तरीय कमेटी
जालंधर। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल शुक्रवार सुबह डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी से मिला और इस बात पर आपत्ति जताई कि अभी तक मीडिया के प्रति प्रशासन का रवैया ठीक नहीं रहा है। मीडिया जगत के लोग भी कोरोना के पहली पंक्ति के योद्धा है और सरकार वह जनता के बीच एक पुल का काम करते हैं ।इसलिए इस महामारी के दौरान पत्रकारों को फील्ड में काम करना पड़ता है लेकिन सरकार द्वारा किसी भी पत्रकार इंसानियत के नाते पूछा नहीं जा रहा है ।

शिष्टमंडल की अगुवाई प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल ने की जबकि इस दौरान उनके साथ उप प्रधान गगन वालिया राजेश कपिल संदीप साही सचिव हरीश शर्मा रमेश नैयर कोषाध्यक्ष राजेश थापा रमेश टीटी गाबा वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नंदन अनुशासन कमेटी के परमजीत सिंह , स्वदेश ननचाहल सहित गणमान्य मीडिया जगत की हस्तियां मौजूद थी ।इस दौरान प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल ने कहा कि अगर सरकार का दाहिना हाथ प्रशासन है तो बाया हाथ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया है ।सुरेंद्र पाल ने बताया कि महामारी के दौरान मीडिया की भूमिका काफी जिम्मेदार और महत्वपूर्ण रही है और इसी वजह से उनके एक पुराने साथी सुरेंद्र शिंदा मौत की चपेट में चले गए ।वही प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के महासचिव अश्विनी खुराना जिंदगी व मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं और हमारा साथी कुमार अमित कोरोना को हराकर हाल ही में अस्पताल से घर वापस आए हैं ।जालंधर से फोटोग्राफर जसप्रीत सिंह पत्रकार सतनाम सिंह मान मानक जोकि अजीत समाचार ग्रुप के संपादक हैं पत्रकार शिव शर्मा पत्रकार अमन व कुमार अमिच जोकि अभी अस्पताल से वापस लौटे हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से मीडिया जगत की हस्तियों को कुछ भी सहायता प्रदान नहीं की जा रही है ।यहां तक की प्रशासन की तरफ से हौंसला बनाने के लिए एक कॉल तक नहीं की गई यह काफी गंभीर और इससे ऐसा महसूस हो रहा है कि प्रशासन मीडिया के प्रति अपना रवैया ठीक नहीं रख रहा है। डिप्टी कमिश्नर ने तत्काल इन बातों को गंभीरता से लिया और ऐसा माना कि एक तालमेल की कमी की वजह से हुआ है उन्होंने तत्काल एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया जिसमें एक प्रशासनिक अधिकारी जालंधर के अलावा लोक संपर्क अधिकारी व सेहत विभाग के डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट को शामिल किया गया है उनकी तरफ से शासन दिया गया है या कमेटी सरकारी रूप से गठित की गई है जो मीडिया कर्मियों को रोना कॉल के दौरान हर संभव सहायता प्रदान करेगी और उनको मेडिकल सुविधा के लिए परेशानी ना हो और उनकी हर संभव मदद हो सके यकीनी बनाया जाएगा

 16 total views,  2 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *